
Rewari Market Violence: रेवाड़ी (Best E News) चप्पे चप्पे पर पुलिस के दावे एक बार फिर हवाई साबित हो गए है। दीपावली पर रेवाड़ी में रेवाड़ी पुलिस के दावे त्योहार के दौरान सवालों के घेरे में आ गए। रेवाड़ी में सरेआम बाजार में लाठियां चलती रहीं, लोगों के सिर फूटते रहे। आलम यहां तक है कई लोग घायल हो गए है। जिनकों अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सवाल यह बाजार में इस मौके पर पुलिस कहां गायब हो गई। जबकि एसपी की ओर से दावे किए जा रहे थे बाजार में सादी वर्दी पुलिस तैनात रहेगी। लेकिन करीब एक घंटे तक चली लाठियों के समय कोई पुलिस कर्मी दिखाई नही दिया।
पुलिस सुरक्षा पर उठे सवाल: रेवाड़ी के बाजार में सरेआम हुई इस मारपीट ने पुलिस सुरक्षा की पोल खोल दी है। बता दें कि दीपावली से पहले रेवाड़ी पुलिस की ओर से शहरवासियों से अपील की गई थी कि बिना किसी भय यानि डर के खरीदारी करने आएं। कहा कि सादी वर्दी में इतनी पुलिस तैनात रहेगी ही त्यौहार पर दंगा करने केा किसी कीमत पर नही बख्सा जाएगा। लेकिन जिस तरह से रेवाड़ी में त्योहार के दौरान रहेडी वालों में लाठिया चली है उसे पुलिस की सुरक्षा दावे फैल हो गए है। बाजारों में मारपीट और लाठी-डंडे चलने की घटनाओं के बीच लोग घायल होते रहे, जबकि कहीं भी पुलिस दिखाई नहीं दी।
ये भी पढ़ें:रेवाड़ी में अवैध पटाखों के 108 पैकेट बरामद, आरोपी गिरफ्तार

Hospital पहुंचने पर पहुंची पुलिस टीम: करीब आधें घंटे तक जमकर लाठियां चलती रही। पिटने वाले चिल्लाते रहे। लेकिन अजीब बात यह भी है किसी ने लडने वालों केा झुड़वाने का प्रयास नहीं किया। जब वे लहुलुहान होकर अस्पताल पहुंच गए जब आकर पुलिस ने अपनी सफाई दी। लोग पुलिस की सुरक्षा को लेकर कोस रहे थे कि कागजों में ही पुलिस तैनात रही है जबकि बजार से पुलिस टीम गायब रही।
ये भी पढ़ें:धारूहेड़ा में डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपये की ठगी, 15 वा आरोपी Arrest
बताया जाता है कि एक दंपत्ति बाज़ार में ख़रीददारी करने आया था ख़रीददारी के दौरान दुकानदार से उसका किसी बात को लेकर विवाद हो गया और यह विवाद इतना बढ़ गया कि घमासान मच गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले। इस मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये भी पढ़ें:बावल कृषि अनुसंधान केंद्र में तेंदुए की आहट, वन्यजीव विभाग ने जारी किया अलर्ट
सरेआम बिके पटाखें: रेवाड़ी बाजार मे सरेआम अवैध पटाखों की खरीद फरोक्त होती रही। पुलिस ने तीन दिन में तीन केस पकडकर वाह वाह लूट ली। जबकि असली पटाखों के थोक विक्रेताओं तक पुलिस पहुंची ही नही। प्रतिबंध के बावजूद रेवाड़ी, धारूहेड़ा व बावल में दुकानदारों द्वारा खुले में पटाखों की स्टाल लगाकर बिक्री की जाती रही। आलम यहां तक है कि कई वर्दीधारी पुलिसकर्मी पटाखों की स्टालों के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आए। बाजार में सरेआम पटाखों की बिक्री को लेकर पुलिसकर्मियों की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। बताया जा रहा है पुलिस ने केवल उन्ही लोगो को काबू किया जिनको कोई शिकायत मिली थी। दरसल अवैध पटाखों पर रोक तो नही मिल पाई लेकिन दाम जरूर बढ गए।
अब सच्वाई आई सामने: शहर थाना के प्रभारी सूबे सिंह ने कहा की ये लड़ाई झगड़ा दुकानों के आगे फड़ लगाने वाले व रेहड़ी चालकों के बीच हुआ है। दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। मामले की जांच कर करवाई की जा रही है । अब सवाल यह है पुलिस किस पर कार्रवाई करेगी।