
बावल (Best E News) चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र बावल में बीती रात तेंदुए जैसे बड़े जंगली जीव दिखाई देने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि अनुसंधान केंद्र के बेर के बाग में सिक्योरिटी गार्ड ने बिल्ली से काफी बड़े एक जंगली जीव को देखा। जीव का आकार देखकर गार्ड के होश उड़ गए। एक बार फिर से राजस्थाा ने से झाबुआ चिंकारा जंगल में तेंदुआ पहुचने से अफरा तफरी मच गई है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
रात को ही अलर्ट जारी : झाबुआ चिंकारा जंगल के सिक्योरिटी गार्ड राहुल ने बिना देरी किए सिक्योरिटी ऑफिसर विजय कुमार को इसकी सूचना दी। इसके बाद क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के रीजनल डायरेक्टर धर्मवीर को जानकारी दी गई। उन्होंने तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी। इसके बाद रात को ही अलर्ट जारी कर दिया गया। रीजनल डायरेक्टर धर्मवीर ने बताया कि बेर और अमरूद के बाग में काम करने वाले ठेकेदारों के परिवारों को रात में ही सुरक्षित पक्के स्थान पर पहुंचा दिया गया।

वन्य जीव टीम ने संभाला मोर्चा: सूचना मिलते ही सुबह झाबुआ चिंकारा एवं वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बेर के बाग में बड़े जंगली जीव के पैरों के निशान देखकर जांच शुरू कर दी है। वन्यजीव विभाग के अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि पैरों के निशानों की जांच की जा रही है। इस संबंध में गुरुग्राम की विशेषज्ञ टीम को भी सूचना दे दी गई है। विशेषज्ञ टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ये निशान किस जंगली जीव के हैं।
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अनुसंधान केंद्र के आस पास आवागमन पर रोक: सुरक्षा के मद्देनजर अनुसंधान केंद्र में अनजान व्यक्तियों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। बावल पुलिस के अधिकारी भी मौके पर नजर बनाए हुए हैं। अनुसंधान केंद्र के बेर के बाग के नजदीक स्टाफ के आवास और कृषि कॉलेज की छात्राओं का हॉस्टल भी स्थित है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
समाचार लिखे जाने तक किसी व्यक्ति या पशु पर जंगली जीव के हमले अथवा उसके किसी कमरे में बंद होने की सूचना नहीं थी। वहीं, सुबह से ही बड़ी संख्या में पैरों के निशान मिलने के बाद जंगली जीव की तलाश और पहचान के लिए जांच जारी थी। अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. धर्मवीर और कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सिक्योरिटी गार्डों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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बता दे कि झाबुआ रिजर्व फॉरेस्ट और मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र (Peacock & Chinkara Breeding Centre) हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल के पास झाबुआ गांव में स्थित है। यह जंगल लगभग 750 एकड़ (करीब 1500 बीघा) क्षेत्र में फैला हुआ है। इस क्षेत्र को विशेष रूप से भारतीय मोर (Peafowl) और चिंकारा (भारतीय गज़ेल) के संरक्षण और प्रजनन के लिए स्थापित किया गया है। पिछले साल भी यहां पर अलवर से तेंदुआ आ गया था जिससे काफी आंतक मचाया था।
14 अगस्त 2024 को भी आया था टाइगर: दो साल पहले यानि 14 अगस्त 2024 में राजस्थान सरिस्का से टाइगर (Tiger in Rewari) भाग कर हरियाणा के रेवाड़ी जिले के झाबुआ गांव के जंगल में घुस आया था। हरियाणा में घुसने से पहले टाइगर राजस्थान के दो गांवों में 4 लोगों को घायल दिया था। टाइगर को पकड़ने के लिए लगभग 7 टीमें मिलकर रेस्क्यू अभियान चलालते काफी मशक्त के बाद काबू किया था।