
बावल (Best E News) औद्योगिक क्षेत्र बावल स्थित विक्टोरिया ऑटो कंपनी में (Bawal Victoria Auto Strike ) शुक्रवार को श्रमिकों ने वेतन और बोनस की मांग को लेकर हड़ताल की। श्रमिकों की हड़ताल पूरे दिन जारी रही। इस दौरान पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन श्रमिकों का आरोप है कि उनकी समस्याओं के समाधान और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
Bawal Victoria Auto Strike : श्रमिकों के अनुसार, ठेकेदार दिवाली के बाद वेतन देने की बात कह रहा था। हड़ताल के बाद 6 नवंबर को श्रमिकों के खातों में वेतन डाल दिया गया, लेकिन बोनस का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। श्रमिकों का कहना है कि त्योहार के समय भी उन्हें अपने हक के लिए हड़ताल करनी पड़ रही है। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और बकाया बोनस का जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
मांग उठाने वाले श्रमिकों को काम से हटाने का आरोप
कई श्रमिकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों के खिलाफ वेतन, बोनस और अन्य सुविधाओं की मांग उठाने वाले कर्मचारियों को काम से हटाने की धमकी दी जाती है। बेरोजगारी के डर से अधिकांश श्रमिक अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रख पाते। एक श्रमिक ने बताया कि अनुभव के आधार पर वह कुशल श्रेणी में आता है, लेकिन उसे अकुशल श्रेणी के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है। इस संबंध में आवाज उठाने पर उसे नौकरी से हटाने की बात कही जाती है।
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हरियाणा में न्यूनतम वेतन की नई दरें लागू
हरियाणा सरकार की अधिसूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से राज्य में न्यूनतम वेतन की नई दरें लागू की गई हैं। इसके तहत अकुशल श्रमिक का मासिक न्यूनतम वेतन 15,220.71 रुपये, अर्धकुशल का 16,780.74 रुपये, कुशल का 18,500.81 रुपये और उच्च कुशल श्रमिक का 19,425.85 रुपये निर्धारित किया गया है। श्रमिकों का कहना है कि जब सरकार ने न्यूनतम वेतन और श्रमिकों के अधिकारों के लिए नियम बनाए हैं तो उनका पालन भी सुनिश्चित होना चाहिए।
श्रमिकों ने श्रम विभाग से कंपनी और ठेकेदारों के कामकाज की जांच कराने, निर्धारित श्रेणी के अनुसार वेतन दिलाने और बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका सवाल है कि आखिर श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार हड़ताल क्यों करनी पड़ रही है?
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