
रेवाड़ी (Best E News) दीपावली से पहले जिसका डर था वहीं हो गया है। एक बार फिर दिवाली से चार दिन पहले हरियाणा के रेवाड़ी की हवा जहरीली हो गई है। जहरीली भी इतनी कि सबसे टॉप नंबर पर पहुंच गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जारी आदेशों के बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने की बात स्वीकार की है। बुधवार सुबह रेवाड़ी का AQI 315 दर्ज किया गया था, लेकिन रात 9:22 बजे तक यह बढ़कर 622 पहुंच गया। हरियाणा के करनाल में 607 और कैथल में 554 AQI दर्ज किया गया।
जानिए क्यों बढ रहा है AQI : हरियाणा के पड़ोसी राज्य पंजाब में जमकर पराली जलाई जा रही है। हरियाणा में तो पराली जलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है ऐसे में कुछ किसान ही चोरी छीपे से पराली जला रहे है। रेवाड़ी का बुधवार रात 9:22 बजे aqi.in के आंकड़ों के मुताबिक रेवाड़ी 622 AQI के पहुंच गया। इसी स्कोर के साथ हरियाणा के शहरों की सूची में पहले स्थान पर रहा।
रेवाड़ी में वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों का प्रदूषण, खुले में कचरा जलाना और टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक कण वातावरण में बने हुए हैं। दीपावली में अभी चार दिन शेष हैं। ऐसे में आतिशबाजी के कारण प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई गई है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-दो (ग्रैप) की पाबंदियां लागू होने के बाद भी वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार रात को रेवाड़ी का अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 600 से ज्यादा दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। प्रदूषित हवा का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसको गंभीरता से लेते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने शहर में चार निर्माण साइटों पर काम बंद करा दिया जबकि दो अन्य साइटों को नोटिस जारी किया है।
| रैंक | शहर | AQI |
|---|---|---|
| 1 | रेवाड़ी | 622 |
| 2 | करनाल | 607 |
| 3 | कैथल | 554 |
| 4 | भिवानी | 531 |
| 5 | रोहतक | 527 |
| 6 | सोनीपत | 481 |
| 7 | सिरसा | 404 |
| 8 | पानीपत | 381 |
| 9 | गुरुग्राम | 363 |
| 10 | फरीदाबाद | 361 |
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ग्रैप-2 की पाबंदियों के बाद भी एक्यूआई का बढ़ना इस बात का संकेत है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए और प्रभावी उपाय अपनाने की जरूरत है। वायु प्रदूषण को देखते हुए 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर में धूल पैदा करने वाली निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। रेवाड़ी में भी यह प्रतिबंध लागू है।
करनाल 607 AQI के साथ दूसरे और कैथल 554 AQI के साथ तीसरे स्थान पर रहा। गुरुग्राम का AQI 363 और फरीदाबाद का 361 दर्ज किया गया। करनाल में 607 और कैथल में 554 AQI दर्ज किया गया। भिवानी और रोहतक में भी प्रदूषण का स्तर 500 के पार रहा।शहरों की रैंकिंग में रेवाड़ी पहले, करनाल दूसरे और कैथल तीसरे स्थान पर रहे। सोनीपत 481 AQI के साथ छठे स्थान पर रहा।
एनसीआर को बुरा हाल: NCR के प्रमुख शहरों में गुरुग्राम का AQI 363 और फरीदाबाद का 361 दर्ज किया गया। दोनों शहर हरियाणा के सबसे प्रदूषित 10 शहरों की सूची में शामिल रहे।
बुधवार सुबह से ही कई इलाकों में स्मॉग छाया रहा। शाम होते-होते इसकी चादर और घनी हो गई। सड़कों पर दृश्यता कम होने के साथ लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होने लगी।
1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों पर लगेगी रोक
एनसीआर में निर्माण कार्यों पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है। एनसीआर में करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रभावित होंगे। इनमें धारूहेड़ा बस स्टैंड, रेवाड़ी बस स्टैंड और बनीपुर फ्लाईओवर, मानेसर ओवरब्रिज, साहलावास ओवरब्रिज जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। निर्माण कार्य बंद रहने से इन परियोजनाओं का समय पर पूरा करना बडी चुनौति बन गया है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए टीमों ने नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने वाली चार निर्माण साइटों पर काम बंद करवाया है, जबकि रेवाड़ी, बावल व धारूहेड़ा में छह अन्य साइटों को नोटिस जारी किए हैं। 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर में धूल पैदा करने वाली बाहरी निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।- सुधीर, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी।-