Friday, 6 November 2026

महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शहद और मोम से तैयार किए दिवाली के अनोखे गिफ्ट

Written by: Harsh Chauhan

Published:

Karnal News (Best E news):   इस बार दिवाली पर बाजार में मिठाइयों और सजावटी सामान के साथ कुछ अलग तरह के गिफ्ट भी देखने को मिल सकते हैं। हरियाणा के करनाल में…


महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शहद और मोम से तैयार किए दिवाली के अनोखे गिफ्ट
महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शहद और मोम से तैयार किए दिवाली के अनोखे गिफ्ट
Google News Follow us on Google

Karnal News (Best E news):   इस बार दिवाली पर बाजार में मिठाइयों और सजावटी सामान के साथ कुछ अलग तरह के गिफ्ट भी देखने को मिल सकते हैं। हरियाणा के करनाल में महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय यानी MHU के विद्यार्थियों ने शहद और मधुमक्खियों के मोम से कई ऐसे सामान तैयार किए हैं जो देखने में खूबसूरत होने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी काम आ सकते हैं। MHU के विद्यार्थियों की यह पहल किसानों के लिए कमाई का नया रास्ता खोल सकती है।

विद्यार्थियों ने मधुमक्खियों से मिलने वाले प्राकृतिक मोम और शहद का इस्तेमाल करके कई तरह के उत्पाद बनाए हैं। इनमें हर्बल मोमबत्तियां और सजावट के लिए बुद्ध की प्रतिमाएं खास हैं। इसके अलावा लिप बाम और साबुन जैसे इस्तेमाल के सामान भी तैयार किए गए हैं। घर को खुशबूदार बनाने के लिए रूम फ्रेशनर बनाया गया है तो खाने पीने के शौकीनों के लिए हनी पीनट बटर और ड्राई फ्रूट हनी मिक्स जैसे विकल्प भी रखे गए हैं।

इन उत्पादों की खास बात यह है कि इन्हें प्राकृतिक चीजों से तैयार किया गया है। दिवाली पर लोग अक्सर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाई या दूसरे महंगे गिफ्ट देते हैं। ऐसे में शहद और मोम से बने ये सामान एक अलग विकल्प बन सकते हैं। विद्यार्थियों ने इनकी पैकेजिंग और डिजाइन पर भी ध्यान दिया है ताकि ये देखने में आकर्षक लगें और आम लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ भी न डालें।

ये भी पढ़ें:बदमाशों ने रेवाड़ी पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग !

इस पहल का फायदा सिर्फ दिवाली के गिफ्ट बाजार तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसका सीधा फायदा मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को भी मिल सकता है। अभी ज्यादातर किसान शहद बेचकर ही कमाई करते हैं लेकिन अगर शहद और मोम से इस तरह के अलग अलग उत्पाद तैयार किए जाएं तो उनकी कमाई बढ़ाने के नए मौके बन सकते हैं।

करनाल के MHU विद्यार्थियों का यह प्रयास दिखाता है कि खेती और मधुमक्खी पालन से जुड़े छोटे संसाधनों का सही इस्तेमाल करके नए कारोबार शुरू किए जा सकते हैं। आने वाले समय में इस तरह के उत्पाद किसानों और युवाओं दोनों के लिए रोजगार और कमाई का अच्छा जरिया बन सकते हैं।

ये भी पढ़ें:भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने रेवाड़ी प्रशासन को दी चेतावनी

Harsh Chauhan
About the Author Harsh Chauhan

मै हर्ष चौहान Best E News में रेवाड़ी, धारूहेड़ा व एनसीआर और हरियाणा की राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार से जुड़ी खबरों​ लिखता हूं। मै पिछले 5 साल से कार्यरत हूं। मेरा मकसद पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by Harsh Chauhan →

खबरें और भी

WhatsApp