
HARYANA NEWS(Best E news): हरियाणा में ठंड की शुरुआत के साथ ही हरियाणा में प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय हवा में धुंध और स्मॉग का असर साफ दिखाई देने लगा है। Haryana Air Pollution की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 12 शहरों में से 7 शहर हरियाणा के शामिल हैं। शुक्रवार को जारी आंकड़ों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
गुरुग्राम के पंचगांव में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 391 तक पहुंच गया। यह हवा की बेहद खराब स्थिति को दिखाता है। इसके अलावा बहादुरगढ़ जींद बल्लभगढ़ कैथल और मानेसर में भी लोगों को खराब हवा में सांस लेना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदूषण का बढ़ता स्तर देखकर प्रशासन ने भी सख्ती शुरू कर दी है। गुरुग्राम फरीदाबाद और सोनीपत समेत एनसीआर में आने वाले जिलों में सरकारी और निजी दफ्तरों को लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन कार्यालयों में केवल 50 फीसदी कर्मचारियों को ही बुलाने का आदेश दिया गया है। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।
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इसके साथ ही गैर जरूरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि मेट्रो रेलवे अस्पताल और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी जरूरी परियोजनाओं को इन पाबंदियों से छूट दी गई है ताकि आम लोगों की सुविधाओं पर ज्यादा असर न पड़े।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हरियाणा के लोगों को इस जहरीली हवा से राहत कब मिलेगी। लोगों की नजर मौसम विभाग और मौसम वैज्ञानिकों के अगले अपडेट पर टिकी है। खासकर बारिश होने की संभावना को लेकर लोग जानकारी का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि बारिश से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण कम होने में मदद मिल सकती है।
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फिलहाल दिए गए समाचार इनपुट में बारिश की कोई पक्की तारीख या मौसम वैज्ञानिक का स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं बताया गया है। इसलिए राहत मिलने का समय अभी तय नहीं माना जा सकता। आने वाले दिनों में मौसम का बदलाव ही प्रदूषण की स्थिति पर असर डाल सकता है।