
Haryana News (Best E News) Haryana Pollution Alert हरियाणा में ठंड की शुरुआत के साथ ही हवा की हालत खराब होने लगी है। गुरुग्राम फरीदाबाद सोनीपत और झज्जर समेत दिल्ली एनसीआर से सटे कई इलाकों में प्रदूषण बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हवा में धूल और धुएं की मात्रा लगातार बढ़ रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया है। इसके बाद कई तरह की पाबंदियां भी शुरू हो गई हैं।
नवंबर की शुरुआत होते ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। रात के तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषण के कण आसमान में फैलने के बजाय जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय धुंध ज्यादा दिखाई दे रही है और कई जगह सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।
इस बार पराली जलाने की घटनाओं में पिछले सालों के मुकाबले कमी बताई जा रही है। इसके बावजूद प्रदूषण से राहत नहीं मिल पा रही है। इसकी बड़ी वजह सड़कों पर दौड़ते वाहन कारखानों से निकलने वाला धुआं और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल मानी जा रही है।
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Haryana Pollution Alert GRAP-2 लागू होने के बाद प्रशासन ने सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब कई शहरों में मशीनों से सड़कों की सफाई कराई जाएगी और धूल को उड़ने से रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव होगा। इसके अलावा होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में लकड़ी या कोयले से तंदूर जलाने पर रोक लगा दी गई है।
डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी सख्त नियम लागू रहेंगे। वहीं दिल्ली एनसीआर में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।
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AQI के आंकड़ों के हिसाब से 201 से 300 तक हवा खराब मानी जाती है जबकि 301 से 400 के बीच बेहद खराब स्थिति होती है। इसी स्तर पर GRAP-2 की पाबंदियां लागू की जाती हैं। फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि प्रदूषण ज्यादा होने पर बेवजह बाहर निकलने से बचें और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। आने वाले दिनों में मौसम और हवा की रफ्तार से प्रदूषण की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।