
Haryana News (Best E News) हरियाणा में अपना मकान बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों से Haryana Building Code हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव की चर्चा हो रही थी। इसके बाद लोगों को लगने लगा था कि अब मकान बनाने के नियम बदलने वाले हैं और प्लॉट पर निर्माण से जुड़े कई नए नियम लागू हो सकते हैं। लेकिन अब विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि भवन निर्माण से जुड़े पुराने नियमों में कोई नया बदलाव नहीं किया जा रहा है।
दरअसल हरियाणा के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें बिल्डिंग कोड में प्रस्तावित संशोधन का जिक्र करते हुए आम लोगों और दूसरे संबंधित लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके लिए 2 नवंबर 2026 से 1 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसी नोटिस को देखकर लोगों में नए नियम लागू होने की चर्चा शुरू हो गई।
इस मामले में विभाग की डीटीपी अधिकारी दिव्या डोगरा ने बताया कि जिन नियमों को प्रस्तावित संशोधन के तौर पर दिखाया गया है वे पहले से ही लागू हैं। इनमें कुछ भी नया नहीं जोड़ा जा रहा है। विभाग का मकसद सिर्फ भवन निर्माण से जुड़े सभी पुराने आदेशों और जरूरी दस्तावेजों को एक जगह उपलब्ध कराना है।
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पहले लोगों को मकान बनाने से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए अलग अलग विभागों और यूनिट के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार बिल्डिंग कोड की कॉपी डाउनलोड करने के बाद भी जरूरी जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब विभाग पूरी प्रक्रिया को एक जगह लाने की तैयारी कर रहा है ताकि लोगों को आसानी हो और सभी जरूरी जानकारी एक ही दस्तावेज में मिल सके।
नोटिस में प्लॉट के आकार के हिसाब से ग्राउंड कवरेज और एफएआर की जानकारी भी दी गई है। इसमें 100 वर्ग मीटर से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट की पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। 100 और 250 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 75 प्रतिशत और इससे बड़े प्लॉट पर 66 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज का नियम पहले से लागू है।
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इसी तरह बेसमेंट और एफएआर की सीमा में भी कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। Haryana Building Code 100 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बेस एफएआर 165 प्रतिशत और अधिकतम एफएआर 264 प्रतिशत पहले से निर्धारित है। बड़े प्लॉट के लिए भी अलग अलग एफएआर की सीमाएं पहले से लागू हैं।
भवन की अधिकतम ऊंचाई 16.5 मीटर रखने का नियम भी पुराना ही है। इसलिए मकान बनाने वाले लोगों को फिलहाल नए नियम लागू होने की खबर से परेशान होने की जरूरत नहीं है। विभाग का कहना है कि यह पूरी कवायद पुराने नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं को एक जगह लाने के लिए की जा रही है।