
Haryana News (Best E News) हरियाणा में गेस्ट टीचर्स को पक्का होने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों शिक्षकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। सोमवार 2 नवंबर को चंडीगढ़ में सरकार और अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल सका। करीब 30 मिनट तक चली इस बातचीत के बाद भी 10757 गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का रास्ता साफ नहीं हो पाया है।
यह बैठक मुख्य सचिव आरके खुल्लर के आवास पर हुई थी। इसमें गेस्ट टीचर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी मांग रखी और सरकार से शिक्षकों को स्थायी करने की अपील की। शिक्षकों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्तर पर बातचीत के बाद कोई अच्छी खबर मिल सकती है लेकिन बैठक खत्म होने के बाद उनकी उम्मीदों को झटका लगा।
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने बैठक के बाद अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि हाईकोर्ट से शिक्षकों के पक्ष में फैसला आने के बाद भी सरकार इस मामले को आगे नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नियमित करने के मामले को लटका रही है।
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अजय लोहान के मुताबिक सरकार ने पहले ही स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर गेस्ट टीचर्स को नियमित करने से इनकार कर दिया है। 24 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया था। बैठक में मुख्य सचिव आरके खुल्लर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सरकार की तरफ से स्पीकिंग ऑर्डर जारी हो चुका है और अब इसे वापस नहीं लिया जा सकता।
इस फैसले से प्रदेश के 10 हजार से ज्यादा अतिथि अध्यापकों में नाराजगी है। लंबे समय से नौकरी को स्थायी करने की मांग कर रहे शिक्षकों को इस बैठक से काफी उम्मीदें थीं। उन्हें लगा था कि सरकार उनकी मांग पर कोई रास्ता निकालेगी लेकिन बातचीत बेनतीजा रहने से मामला फिर अटक गया है।
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अब देखना होगा कि गेस्ट टीचर्स अपनी मांग को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं और सरकार इस मामले में कोई नया रास्ता निकालती है या नहीं। फिलहाल हजारों शिक्षकों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।