Sunday, 1 November 2026

कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का भव्य स्वागत सीएम नायब सैनी भी रहे मौजूद

Written by: Harsh Rajput

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कुरुक्षेत्र पहुंचीं और अपने एक दिवसीय दौरे की शुरुआत मां भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना के साथ की। रविवार सुबह राष्ट्रपति के कुरुक्षेत्र पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया।…


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कुरुक्षेत्र पहुंचीं और अपने एक दिवसीय दौरे की शुरुआत मां भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना के साथ की। रविवार सुबह राष्ट्रपति के कुरुक्षेत्र पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सैनी भी उनके साथ मौजूद रहे।

राष्ट्रपति सबसे पहले प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीकूप भद्रकाली मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने पूरे विधि विधान से मां के दर्शन किए और पूजा की। उन्होंने देश के लोगों की सुख शांति और खुशहाली की कामना की। मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन की तरफ से उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

मंदिर में दर्शन करने के बाद राष्ट्रपति का काफिला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंचा। यहां वंदे मातरम की धुन के साथ उनका स्वागत किया गया। राष्ट्रपति ने हरियाणा के 60 साल के सफर को दिखाने वाली एक खास प्रदर्शनी भी देखी। इसमें राज्य बनने से लेकर अब तक हुए विकास को तस्वीरों और मॉडलों के जरिए दिखाया गया था।

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इसके बाद राष्ट्रपति गुरुकुल में आयोजित हीरक जयंती समारोह में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने दीप जलाकर की। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया और नागरिक अभिनंदन किया। समारोह में राष्ट्रपति ने गुरुकुल की हीरक जयंती का आधिकारिक लोगो भी जारी किया।

कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों खिलाड़ियों उद्योग जगत से जुड़े लोगों और ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।

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राष्ट्रपति का यह दौरा करीब 3 घंटे 25 मिनट का रहा। उनकी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने भी खास इंतजाम किए थे। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को पूरे जिले को नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित किया गया।

उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के मुताबिक ड्रोन नियम 2021 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाई गई थी। सुरक्षा की जिम्मेदारी 9 IPS अधिकारियों और 30 DSP के नेतृत्व में पुलिस की 20 कंपनियों को सौंपी गई थी।

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