
Breaking News” मानेकशॉ सेंटर में आयोजित इन्फैंट्री दिवस समारोह में मेजर Dr TC Rao (सेवानिवृत्त) की पुस्तक ‘Indian Infantry: The Sword and Shield of the Nation’ का विमोचन किया गया। पुस्तक की पहली प्रति थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को भेंट की गई। इसके बाद महानिदेशक इन्फैंट्री लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार पुंडीर को भी पुस्तक की प्रति प्रदान की गई।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भेंट की गई पुस्तक: समारोह में पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एन. सी. विज और जनरल दलबीर सिंह सुहाग सहित कई वरिष्ठ पूर्व सैन्य अधिकारियों को पुस्तक की प्रतियां भेंट की गईं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इनमें सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी तथा उनके परिवारों की महिलाएं शामिल रहीं। उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक की विषयवस्तु और इसे तैयार करने में डॉ. राव के प्रयासों की सराहना की।
जानिए क्यों है पुस्तक विशेष: बता दें कि पुस्तक में मध्यकालीन सैन्य परंपराओं से लेकर औपनिवेशिक काल और स्वतंत्रता के बाद तक भारतीय पैदल सेना के विकास, योगदान, संगठनात्मक बदलाव और युद्धक क्षमताओं का वर्णन किया गया है। इसमें आधुनिक युद्ध की चुनौतियों, तकनीकी बदलावों और वर्ष 2047 तक भारतीय इन्फैंट्री की संभावित दिशा पर भी विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
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इन्फैंट्री में सेवा दे चुके डॉ. राव ने अपने सैन्य अनुभवों के आधार पर पैदल सैनिक के जीवन, प्रशिक्षण, अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को पुस्तक में स्थान दिया है। कठिन भूभाग और प्रतिकूल मौसम में सैनिकों की भूमिका के साथ उनके हथियारों और युद्धक जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया गया है।
डॉ. राव ने पुस्तक के विमोचन पर उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कृति भारतीय पैदल सैनिकों के पराक्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की परंपरा को सामने लाने का प्रयास है।
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